Monday, February 05, 2018

मृत्यु के ये 12 वर्णित संकेत: शिवपुराण से

कभी भी अनदेखा ना करें मृत्यु के ये 12 वर्णित संकेत: शिवपुराण से

धर्म ग्रंथों में भगवान शिव को महाकाल भी कहा गया है। महाकाल का अर्थ है काल यानी मृत्यु भी जिसके अधीन हो। भगवान शिव जन्म-मृत्यु से मुक्त हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान शंकर को अनादि व अजन्मा बताया गया है। भगवान शंकर से संबंधित अनेक धर्मग्रंथ प्रचलित हैं, लेकिन शिवपुराण उन सभी में सबसे अधिक प्रामाणिक माना गया है।

इस ग्रंथ में भगवान शिव से संबंधित अनेक रहस्यमयी बातें बताई गई हैं। इसके अलावा इस ग्रंथ में ऐसी अनेक बातें लिखी हैं, जो आमजन नहीं जानते। शिवपुराण में भगवान शिव ने माता पार्वती को मृत्यु के संबंध में कुछ विशेष संकेत बताए हैं। इन संकेतों को समझकर यह जाना जा सकता है कि किस व्यक्ति की मौत कितने समय में हो सकती है। ये संकेत इस प्रकार हैं-

शिवपुराण के अनुसार जिस मनुष्य को ग्रहों के दर्शन होने पर भी दिशाओं का ज्ञान न हो, मन में बैचेनी छाई रहे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

जिस व्यक्ति को अचानक नीली मक्खियां आकर घेर लें। उसकी आयु एक महीना ही शेष जाननी चाहिए।

शिवपुराण में भगवान शिव ने बताया है कि जिस मनुष्य के सिर पर गिद्ध, कौवा अथवा कबूतर आकर बैठ जाए, वह एक महीने के भीतर ही मर जाता है। ऐसा शिवपुराण में बताया गया है।

यदि अचानक किसी व्यक्ति का शरीर सफेद या पीला पड़ जाए और लाल निशान दिखाई दें तो समझना चाहिए कि उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाएगी। जिस मनुष्य का मुंह, कान, आंख और जीभ ठीक से काम न करें, शिवपुराण के अनुसार उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है।

जो मनुष्य अचानक सूर्य और चंद्रमा को राहू से ग्रस्त देखता है (चंद्रमा और सूर्य काले दिखाई देने लगते हैं) और संपूर्ण दिशाएं जिसे घुमती दिखाई देती हैं, उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो जाती है।

त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) में जिसकी नाक बहने लगे, उसका जीवन अधिक नहीं चलता। यदि किसी व्यक्ति के मुंह और कंठ बार-बार सूखने लगे तो यह जानना चाहिए कि 6 महीने बीत-बीतते उसकी आयु समाप्त हो जाएगी।

शिवपुराण के अनुसार जो व्यक्ति हिरण के पीछे होने वाली शिकारियों की भयानक आवाज को भी जल्दी नहीं सुनता, उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है। जिसे आकाश में सप्तर्षि तारे न दिखाई दें, उस मनुष्य की आयु भी 6 महीने ही शेष समझनी चाहिए।

जब किसी मनुष्य का बायां हाथ लगातार एक सप्ताह तक फड़कता ही रहे, तब उसका जीवन एक मास ही शेष है, ऐसा जानना चाहिए। जब सारे अंगों में अंगड़ाई आने लगे और तालू सूख जाए, तब वह मनुष्य एक मास तक ही जीवित रहता है।

जिस मनुष्य को ध्रुव तारा अथवा सूर्यमंडल का भी ठीक से दर्शन न हो। रात में इंद्रधनुष और दोपहर में उल्कापात होता दिखाई दे तथा गिद्ध और कौवे घेरे रहें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं होती। ऐसा शिवपुराण में बताया गया है।

जिस मनुष्य को चंद्रमा व सूर्य के आस-पास का चमकीला घेरा काला या लाल दिखाई दे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 15 दिन के अंदर हो जाती है। अरूंधती तारा व चंद्रमा जिसे न दिखाई दे अथवा जिसे अन्य तारे भी ठीक से न दिखाई दें, ऐसे मनुष्य की मृत्यु एक महीने के भीतर हो जाती है।

जब किसी व्यक्ति को जल, तेल, घी तथा दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दे, तो समझना चाहिए कि उसकी आयु 6 माह से अधिक नहीं है। जब कोई अपनी छाया को सिर से रहित देखे अथवा अपने को छाया से रहित पाए तो ऐसा मनुष्य एक महीने भी जीवित नहीं रहता।

शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति को अग्नि का प्रकाश ठीक से दिखाई न दे और चारों ओर काला अंधकार दिखाई दे तो उसका जीवन भी 6 महीने के भीतर समाप्त हो जाता है।

Friday, January 26, 2018

*9 मसाले और 9 ग्रह*

*9 मसाले और 9 ग्रह*         
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴           
~~~~~~~~~~~~~~~~~
*9 मसाले कौन कौन  से ?*
*और ये किस प्रकार ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते है व इनके पीछे छिपी वैज्ञानिकता क्या है ?*

*🍚1. नमक      *(पिसा हुआ) सूर्य*

*🌶2. लाल मिर्च   *(पिसी हुई) मंगल*

*🧀3. हल्दी ,,,,,,,    *(पिसी हुई ) गुरु*

*🌯4. जीरा   *(साबुत या पिसा हुआ) राहु केतु*

*🌯5. धनिया,,,,,,  *(पिसा हुआ) बुध*

*🌚6. काली मिर्च *(साबुत या पाउडर) शनि*

*🥗7. अमचूर ,,,,  *(पिसा हुआ) केतु*

*🍲8. गर्म मसाला,. *(पिसा हुआ) राहु*

*🍲9. मेथी,,,,,,,,,,,.      *मंगल....*

   *👉मसाले के सेवन से अपने स्वास्थ्य और ग्रहो को ठीक करे*
              👇👇👇
🥙 *भारतीय रसोई में मिलने वाले मसाले सेहत के लिए तो अच्छे होते ही है ,पर साथ में उन के सेवन से हमारे ग्रह भी अच्छे होते है*

    *🥙सौंफ🥙*
*सौंफ का जिक्र हम पहले भी कर चुके है की सौंफ खाने से हमारा शुक्र और चंद्र अच्छा होता है*

🥙 *इसे मिश्री के साथ ले या उस के बिना भी ले खाने के बाद ,एसिडिटि और जी मिचलाने जैसी समस्या कम होने लगेंगी*
🥙 *सौंफ को गुड के साथ सेवन करें जब आप घर से किसी काम के लिए निकाल रहे हो , इस से आप का मंगल ग्रह आप का  पूरा काम करने में साथ देता है ...                   *🥙दालचीनी🥙*

*मंगल ओर शुक्र ग्रह को ठीक करती है*

🥙 *अगर किसी का मंगल और शुक्र कुपित है ,तो थोड़ी सी दालचीनी को शहद में मिलाकर ताज़े पानी के साथ ले , इस से आप की शरीर में शक्ति बढ़ेगी और सर्दियों में कफ की समस्या कम परेशान करती है .......*

*🥙काली मिर्च🥙*
*काली मिर्च के सेवन से हमारा शुक्र और चंद्रमा अच्छा होता है*

🥙 *इस के सेवन से कफ की समस्या कम होती है और हमारी स्मरण शक्ति भी बढ़ती है*
*तांबे के किसी बर्तन में काली मिर्च डालकर Dining Table पर रखने से घर को नज़र नहीं लगती है...                              *🥙जौं🥙*

*जौ के प्रयोग से सूर्य ग्रह और गुरु ग्रह ठीक होता है*

🥙 *जौं के आटे की रोटी खाने से पथरी कभी नहीं होती है.....*

  *🥙हरी इलायची🥙*
*इस के प्रयोग से बुध ग्रह मजबूत होता है*

🥙 *अगर किसी को दूध पचाने में परेशानी होती है....*
*तो हरी इलायची उस में पका कर फिर दूध का सेवन करें  इस से ऐसी परेशानी नहीं होगी ....*
*यह उन लोगो के लिए उपकारी है की जिन को दूध अपनी सेहत बनाए रखने या कैल्सियम के लिए दूध तो पीना पड़ता है पर उसको पीकर पचाने में समस्या आती है ...*

*🥙हल्दी🥙*
*हल्दी के गुण हम सबसे छुपे नहीं है , हल्दी के सेवन से बृहस्पति ग्रह अच्छा होता है ,*

🥙 *हल्दी की गांठ को पीले धागे में बांधकर गुरुवार को गले में धारण करने से बृहस्पति के अच्छे  फल मिलते है  और यह तो हम सब को पता है की हल्दी का दूध पीने से Arthritis , Bones और Infections में ज़बरदस्त फायदा मिलता है....*

*🥙जीरा🥙*
*जीरा राहू व केतू का प्रतिनिधित्व  करता है.*

🥙 *जीरा का सेवन खाने में करने से आप के दैनिक जीवन में सौहार्द व शांति बने रहते हैं.*
*🥙हींग🥙*
*हींग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है*

🥙 *हींग का नित्य प्रतिदिन सेवन करने से वात व पित्त के रोग नियंत्रित होते हैं* *हींग आप की पाचन शक्ति भी बढाती है व क्रोध समस्या से भी निजात दिलाती है.*

   *🥙सौंफ :🥙*
  *शुक्र ग्रह मजबूत होता है*

🥙 *सौंफ हम रोज़ तो इस्तेमाल करते है ,पर क्या आप को पता हैकी सौंफ के सेवन से*🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
*✍आपका शुक्र ग्रह मजबूत होता

Thursday, January 18, 2018

ग्रहों की नाराजगी दूर करें - making planets work in your favour

ग्रहों की नाराजगी दूर करें -
1-सूर्य-(The Sun) भूल कर भी झूठ न
बोलें,सूर्य का गुस्सा कम हो जाएगा .झूठ क्या है ?झूठ वो है
जो अस्तित्व में नहीं है और यदि हम झूठ बोलेंगे
तो सूर्य को उसका अस्तित्व(Existence)
पैदा करना पडेगा (आश्चर्य की कोई बात
नहीं है -ये नौ ग्रह हमारे जीवन के
लिए ही अस्तित्व (existence)में आये हैं )सूर्य
का काम बढ़ जाएगा और मुश्किल भी हो जाएगा .
2-चंद्रमा (The Moon)-- जितना ज्यादा हो सके सफाई पसंद
हो जाईये ,और साफ़ रहिये भी -
चंद्रमा का गुस्सा कम हो जाएगा .
चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है .राहू अदृश्य
ग्रह है ,राहू क्रूर
है .हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में
राहू गंदगी है .हम हमारे घर को, आसपास के
वातावरण को कितना भी साफ़ करें -उसमें ढूँढने जायेंगे
तो गंदगी मिल
ही जायेगी ,या हम हमारे घर और
आस पास के वातावरण को कितना भी साफ़ रखें
वो गंदा हो ही जाएगा और हम सब जानते हैं
कि गंदगी कितनी खतरनाक
हो सकती है और होती है --
ज़िंदगी के लिए ,न जाने कितने बेक्टीरिया ,
वायरस ,जो अदृश्य होते हुए
भी हमारी ज़िंदगी को भयभीत
कर देते हैं ,बीमार
करके ,ज़िंदगी को खत्म तक कर देते
हैं ,चंद्रमा (जो सबके मन को आकर्षित करता है स्वय राहू के
मन को भी) राहू से डरता है .अतः यदि आप साफ़
रहेंगे तो चंद्रमा को अच्छा लगेगा और उसका क्रोध शांत रहेगा .
चंद्रमा का गुस्सा उतना ही कम हो जाएगा .
3-मंगल(Mars)-यह ग्रह सूर्य
का सेनापती ग्रह है भोजन में गुड है .सूर्य गेंहू
है रविवार को गेहूं के आटे का चूरमा गुड डालकर बनाकर खाएं
खिलाये ,मंगल को बहुत अच्छा लगेगा .सूर्य गेहूं है -मंगल गुड
है और घी चंद्रमा है ,अब तीनो प्रिय
मित्र हैं तो तीन मित्र मिलकर जब खुश होंगे
तो गुस्सा किसे याद रहेगा .
4-बुध (Mercury)-बुध ग्रह यदि आपकी जन्म
पत्रिका में क्रोधित है तो बस तुरंत मना लीजिये --
गाय को हरी घास खिलाकर -
धरती और गाय दोनों शुक्र (Venus)ग्रह
का प्रतिनिधित्व करती है .
हरी घास है जो बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व
करती है -बुध ग्रह का रंग हरा है ,वो बच्चा है
नौ ग्रहों में शारीरिक रूप से सबसे कमजोर और
बौद्धिक रूप में सबसे आगे आगे .
घास है जो पृथ्वी के अन्य पेड़ पौधों के मुकाबले
कमजोर है बिलकुल बुध ग्रह की तरह , घास
भी शारीरिक रूप से बलवान
नहीं होती है मगर ताकत देने में कम
नहीं अतः बुध स्वरूप
ही है .हरी हरी घास से
सजी धरती कितनी सुंदर
और खुश दिखती है -घास =बुध और
धरती = शुक्र
इसी तरह गाय हरी -
हरी घास खा कर कितनी खुश
होती है
इसलिए - हरी- हरी घास =बुध ग्रह
और गाय (और धरती )= शुक्र
इसलिए गाय को हरी हरी घास खिलाएंगे
तो दो बहुत अच्छे दोस्तों को मिला रहे होंगे -
ऐसी हंसी खुशी के
वातावरण में हर कोई गुस्सा थूक देता है और बुध ग्रह
भी अपना क्रोध शांत कर लेंगे .
5-बृहस्पति (Jupiter)-चने की दाल parrots
को खिलादे .बृहस्पति कभी गुस्सा नहीं करेंगे.
चने की दाल पीले रंग
की होती है और
बृहस्पति भी पीले रंग के हैं .
बृहस्पति का भी घनत्व सौरमंडल में ज्यादा है और
चने की दाल
भी हलकी फुल्की नहीं होती पचाने
में हमारी आँतों को ज्यादा मेहनत
करनी पड़ती है .
तोता हरे रंग का होता है .बुध ग्रह भी हरे रंग
का होता है .
तोता भी दिन भर बोलता रहता है और बुध ग्रह
भी बच्चा होना के कारण बोलना पसंद करता है .
अतः तोता =बुध ग्रह
और चने की दाल = बृहस्पति ग्रह
बुध ग्रह बृहस्पति के जायज पुत्र और चंद्रमा के नाजायज
पुत्र है.
बुध के पिता बृहस्पति हैं और बृहस्पति के चंद्रमा अच्छे मित्र
हैं और बृहस्पति की पत्नी तारा ने
चंद्रमा से नाजायज शारीरिक सम्बन्ध बनाकर बुध
ग्रह को जन्म दिया था इस बात से
बृहस्पति अपनी पत्नी तारा से नाराज़
रहते है और बुध की माँ से नाराज़ रहने के कारण
अपने जायज पिता बृहस्पति से बुध ग्रह नाराज़ रहता है .इस
बात से बृहस्पति दुखी रहता है अतः जब
तोता जो बुध स्वरूप है जब चने की दाल खाकर पेट
भरेगा और खुश
होगा तो बृहस्पति को खुशी मिलेगी और
गुस्सा तो अपने आप कम हो जाएगा .
6-शुक्र(Venus) - यदि नाराज़ हो तो गाय
को रोटी खिलाओ .
सूर्य गेहूं है
और शुक्र गाय .
किस बलवान व्यक्ति को उसके खुद के अलावा कोई और
राजा हो तो अच्छा लगता है !
शुक्र को भी सूर्य के अधीन
रहना पसंद नहीं है अतः जब आप उसके शत्रु
सूर्य जो गेहूं को गाय जो शुक्र है को खिलाएंगे तो वो अपने आप
ही गुस्सा भूल जाएगा .
7-शनि(Saturn) -जिस किसी से
भी नाराज़
हो तो उसकी पीड़ा तो बस वो खुद
ही जानता है .
शनि समानतावादी है .The planet Saturn is
one and only real democrat in our Solar
System.He does not like Monarchy.
ये बड़ा है और ये छोटा है ऐसी बातें शनि को क्रोधित
कर देती है
क्योंकि शनि सूर्य (राजा ) का पुत्र है और उसके पिता सूर्य ने
उसकी माँ का सम्मान नहीं किया इसलिए
शनि को अपनी माँ छाया से प्यार होने के कारण सूर्य
पर बहुत गुस्सा आता है --किसी का बड़े होने
का अहंकार ज़रा भी नहीं भाता है .
अतः जो सर्वहारा वर्ग (मेहनतकश लोग )है उसको खुश
रखो तो शनि खुद ही खुश हो जाएगा .आपको उन्हें
दान नहीं देना है क्योंकि शनि श्रम
का पुजारी है .शनि ईमानदार है और मेहनतकश लोग
भी दान लेने के बजाय मेहनत कर के खुश रहते
हैं अतः किसी मेहनतकश की मेहनत
का तन ,मन और धन से उचित सम्मान करने से शनि खुश
हो जाता है और खुश हो जाएगा तो गुस्सा तो कम
हो ही जाएगा .
8-राहू -राहू के दिए दुःख गैबी होते हैं
(जिनका कारण समझ में ना आये ).
राहू स्वय अदृश्य रहता है .(अतः उसके दिए
दुखों को समझना भी मुश्किल है ).राहू एक
हिस्सा उसके शरीर का ऊपरी भाग
वो स्वय है और उसके नीचे का हिस्सा केतु है .
(समुद्र मंथन के समय छल से देवताओं का रूप धर अमृत
पीने जब वो आया तो विष्णु ने उसे पहचान लिया और
अपने सुदर्शन चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए (एक बूँद
अमृत उसके शरीर में
जा चुका था अतः उसकी मृत्यु
नहीं हुयी )ऊपर का हिस्सा राहू
कहलाया और नीचे का हिस्सा केतु )

Sunday, December 17, 2017

क्यों आते आत्महत्या जैसे गन्दे विचार

क्यों आते आत्महत्या जैसे गन्दे
                 विचार
🌊🌊🌊🌊🌊🌊🌊🌊🌊

दोस्तों,

      अक्सर अखबार मै सुबह सुबह ही पढ़ने मै आता है की उसने फांसी लगा ली, कोई जहर खा लिया, कोई ट्रेन के आगे कूद गया । आत्महत्या ये सिर्फ एक शब्द भर नही बल्कि एक पूरी जिन्दगी की समाप्ति की कहानी एक शब्द में समेट लेना जैसा है,आत्महत्या जिस शब्द को जेहन में लाने भर से रूह काँप जाती है उसे एक व्यक्ति किन परस्थितियों में अपना लेता है और पल भर में अपनी पूरी जिंदगी का सफर कहा समाप्त करना है चंद मिनटों में ही कैसे तय कर लेता है,जहाँ समाज में सब कुछ इतना आसान और आधुनिक हो रहा है वही समाज में रहने वाले लोग दिन प्रतिदिन तनाव ग्रस्त क्यों होते जा रहे है?

     दोस्तों, कारण बहुत छोटे और मामूली भी होते है चाहे फिर पारिवारिक हो या व्यक्तिगत रिश्तों में आये टकरार से, तथा पुरूषों की अपेक्षा ये कदम महिलाये अधिक उठाती है! कथित उच्च शिक्षित,आर्थिक रूप से सम्प्पन आज के युवाओं का आत्हत्या जैसा कदम उठाना पुरे समाज को सोचने में मजबूर करता है,की अपनी पसंद और इच्छाओ की जिन्दगी जीने के बावजूद वो इतना बड़ा कदम कैसे उठा लेते है!

     हम आजतक जिंदगी की अहमियत को नही समझ पा रहे, जरा से तनाव को इतना गम्भीर मान लेते की आत्महत्या जैसे विचारों को मन मै लाते और फिर एक दिन ।।।। क्या सच मै हम कमजोर बन गए या हम जरा से कांटो से घबरा जाते है । सफलता और असफलता हर किसी के जीवन मै आती है, पर सच्चा और सफल व्यक्ति वही रहता है जो असफलता के समय भी तटस्थ रहकर उसका सामना करता है, और मन मस्तिष्क मै कोई नकारात्मक विचार नही लाता ।

      क्यों सोचते है आत्महत्या का
🌚🌚🌚🌚🌚🌚🌚🌚🌚

आत्महत्या के विचार के बारे मै जहाँ पुरुष ये कदम अपनी आर्थिक और समाजिक कारणों से उठाते है वही महिलाएं आत्महत्या  भावनात्मक और व्यक्तिगत कारणों से करती है।

महिलाएं सबसे अधिक डिप्रेशन का शिकार होती है,आज भी वो अपनी बातो को खुल के शेयर नही कर पाती सबके साथ,अधिकतर आत्महत्याओं के मामले बलात्कार की वजह से होते है जहाँ शुरू से औरतों के मन में अपनी इज्ज़त की सुरक्षा और उसे गहना बता के एक खोल में बंद कर दिया जाता है उसी इज्ज़त को महिलाएं अपने अस्तित्व से अधिक तवज्जो देकर खुद पर हावी कर लेती है,ऐसे में बलात्कार जैसी घटना के बाद उस पीड़ा और हीनता का अनभव कर जीना मुश्किल हो जाता है जिसके कारण अवसादों से घिर जाना स्वाभाविक है !ऐसे में आत्महत्या के अलावा और कोई विकल्प नही सूझता।

     इसके अलावा भी दहेज जैसी प्रथा, घरेलू हिंसा, प्यार नही मिल पाना, आत्म निर्भर होकर भी सम्मान नही मिलना, स्त्री पुरुष मै भेदभाव, सम्पति विवाद, घर की महिलाओं से बिना वजह विवाद करना ,परिवार के लोगो का असहयोग आदि कारण होते है, जब इंसान अवसाद से घिर जाता,और उसे सबसे नफरत हो जाती और एक ही रास्ता दिखाई देता है आत्महत्या ।।।

      आइये समझे इसे
   🌓🌔🌓🌔🌓🌓🌔

पहले ये सोचते हैं कि क्यों लोग आत्महत्या करना चाहते हैं? यह भावना उनके मन में क्यों आती है?

. किसी लक्षय तक नही पहुंच पाने पर ।

• किसी अपने की मौत पर उसके खो जाने के दर्द की भावना।

• किसी के रिश्ते के टूट जाने पर या तलाक होने पर।

• नीजी रिश्ते में किसी प्रकार की समस्या होने के कारण।

.अपनों का सहयोग नही मिल पाना।

• किसी प्रकार के दुर्व्यवहार होने पर।

• जीवन में कोई भी लक्ष्य न होने पर।

• अपने जीवन पर कोई कंट्रोल न होने पर।

• व्यापार या नौकरी में कोई घाटा होने पर।

     दोस्तों, हम अक्सर बातें करते है की , लोगो को प्रेरित करते है की हमने अपने जीवन मै इस उपलब्धि को कैसे
पार किया, जब हम किसी लक्षय को पार करते या उस तक पहुंचते है तो सबसे ज्यादा हमे और अपनों को ही ख़ुशी मिलती है ।

       जिंदगी जीना कठिन नही होता, न ही दूभर है । एक नकारात्मक जीने वाला ताजमहल होटल मै रहकर भी उसमें सुख नही ले पायेगा,और एक सकारात्मक जीने वाला 10 रूपये के पानी पताशे या फुलकी परिवार के साथ खाकर उस दिन का आनन्द ले लेगा ।

      कल हम समझते है ,क्या करे जब आत्महत्या जैसे नकारात्मक विचार मन मै आएं ? हम सभी का क्या कर्तव्य है जब कोई ऐसी बात करे ? क्या ज्योतिष मै ऐसे कारण होते है जब आदमी इन नकारात्मक बातों को सोचता है ?

      दोस्तों, आपने अभी जिंदगी का आनन्द नही लिया, प्रकृति हर पल ख़ुशी बिखेर कर आपको बता रही है की जीवन मिटने मै नही बाँटने मै है, खुद भी खुश रहो, अपनों को भी खुश रखो, और फिर देखिये की हर पल, हर वक्त, हर क्षण आपके जीवन मै कितना सकारात्मक परिवर्तन आता है। यदि कल आपके जीवन मै कांटे थे तो आज फूल भी जरूर आयेगें.

Sunday, December 10, 2017

*Remembering Shashi Kapoor* by Simi Garewal.

*Remembering Shashi Kapoor*

by Simi Garewal.

Dec 6, 2017.

It's like I've always known Shashi! You see, I arrived in Mumbai to join Bollywood when I was 15. I'm not sure if the Raj Kapoor family adopted me or I adopted them, but soon I felt I was a part of their family. So, I met Shashi often, as I did all the other Kapoor family members. But Shashi always came across as different! In the sense, his bothers Rajji and Shammiji were flamboyant showbiz people. Shashi, on the other hand, was always quiet and quite 'unfilmi'!
There were some offers even way back then for casting us, from Ismail Merchant and others, but they didn't work out till Siddhartha. Shashi was incredibly professional. Punctual, polite to everyone on set — he was a perfect co-star. Most supportive and encouraging to me when I needed it. One couldn't ask for more.

I must add, Shashi is that rare person in captious Bollywood whom no one spoke a word against. He was never rude, never misbehaved nor interfered. You could not fault him on any count and that's a badge of honour.

I recall Shashi and I travelled to New York for the opening of Siddhartha. The long flights together gave us a chance to talk non-stop in between catching up on sleep. We were received by st-r-e-e-t-c-h limousines which became our mode of travel. Shashi would sink into the leather seats and laugh, "Sheer luxury. I could get so used to it," he'd say. There were large hoardings of us on the streets and he would point, "Slow down. Look!" (Pity we had no mobiles then).

It was 1972. We had gone for the Venice Film Festival. It was a great meeting ground for renowned world filmmakers and international media and Shashi simply shone! Everyone would gather at the bar by midday. Everyone drank; I was the only teetotaller. "Come on Simi, you can't just sip on Cokes — I'll get you a cocktail," Shashi insisted. "No please I hate alcohol." "Just try it na," he persuaded me, "Take a sip. Chuck it if it's awful." And he introduced me to a Bellini (champagne and peaches). I loved it! Shashi seemed in his element there. I saw his sophistication, his savoir faire, which I could never see in India. He was the only actor who knew how to order food and wines in a restaurant, knew how to eat and had perfect table manners. No other actor has ever had his level of international style.

Women were always hitting on Shashi, falling all over him, openly, even in front of their husbands! Shashi was so cool in the way he handled them, that it made them get even more moony-eyed and bolder. I remember an Italian lady left her table and came to ours; ignoring us she literally clung to Shashi. Her husband arrived and yelled at his wife — she screamed back at him and a fight ensued. It was amazing to watch how expertly Shashi handled her — and deposited her back to her husband. She left the restaurant still blowing kisses to Shashi!

The 'Siddhartha' night will remain with me as long as I live. Shashi and I walked from our hotel Excelsior Palace to the theatre. Shashi, in a dark Jodhpuri, looked exquisite beside me. I had on my Siddhartha head jewellery and wore a long train on my evening coat and some young Italian boys picked up the edges and trailed behind me all the way. The paparazzi went mad!

After the screening, we went up on stage and received a standing ovation. The applause continued for fifteen minutes — going on and on — wave after wave. We'd take our 'last bow' — and the applause rose each time... the audience didn't want to let us go. It was magical. Surreal. 'Siddhartha' won the Silver Lion Award in Venice.

Conrad was a generous host. We'd dine out each night at Harry's Bar. Mostly we'd travel by motor boat, but this last night, we came out of Harry's Bar and Shashi said 'Hum to aaj gondola men jayenge' (Funny thing — when we were abroad, Shashi often spoke to me in Hindi). So we got into a gondola and of course the gondolier sang for us. Then Shashi, our mild, ever-dignified, always-so-proper Shashi, stood up and started a peculiar half-Hindi duet with the gondolier! Each Italian line was followed with a made-up Hindi line! He was so funny — I couldn't stop laughing. Then Shashi started belting out Shammi Kapoor songs with abandon, on top of his voice! Now, Shashi CAN'T sing! But passing gondolas cheered and clapped. It was like a comedy scene from a film.

A few years ago, Shashi and I were honoured with awards for 'Siddhartha' in Delhi. We watched the film with the audience and as the scenes unfolded Shashi whispered to me, "You know, I can't remember a thing about 'Siddhartha'. Not a thing. It's all a blur to me".

It saddened me deeply; and that night his words kept haunting me. I thought, is it all really a blur ? Is Venice a blur too ? The standing ovation ? The gondola ? After 'Siddhartha', we got many offers to work together, but only 'Naach Uthe Sansaar' and 'Kabhi Kabhie' worked out. 'Ahsaas' was a lovely film we shot for Ramesh Sippy, I don't know why he shelved it.

As an actor, Shashi's proclivities were always too refined for Bollywood. Maybe that was Jennifer's influence. He hated all the naach-gaana stuff but acquiesced just to keep working and earning.

You see, as I've always believed in my Rendezvous shows, to really understand a man you have to know his wife...Here was a young Shashi who saw this beautiful woman on stage and fell in love with the 'pari'. He pursued her with the tenacity of youth. Jennifer became not just his wife, but also his muse, his greatest influence and definitely the anchor of his life. They lived in their own little world away from the razzmatazz of Bollywood. Shashi always sought Jennifer's approval. Her opinions mattered. For a Shakespearean actor of Jennifer's calibre — the Bollywood of that time was pretty lowbrow, to put it mildly. Especially the 'naach-gaana' stuff — and Shashi began to feel that too. Even though Prithviraj Kapoor started as a stage actor, Shashi's foray into art cinema and theatre was a distinct manifestation of Jennifer's influence.

Who was the real Shashi Kapoor? It was hard to tell. Jennifer occupied, or Shashi himself seceded a large part of his personality to her and they merged. And then, when the anchor died, Shashi was rudderless. With Jennifer gone, Shashi struggled, but couldn't find himself. That vast area of his personality that was Jennifer, now lay empty. A void. I met him in London over dinner with Ismail Merchant and could see he was floundering; he was different, not himself. Shashi eventually gave up the inner struggle and almost became a recluse.

Sometimes, years would go by without our meeting; but Shashi was my friend so he remained in my radar. We met last at an award function. At the far end of the corridor there was this figure in a wheelchair. Sanjna said to me, "He's had a stroke, so one side is paralysed. He also had a heart attack and lots of problems. He doesn't remember people. So don't be upset. I'm just warning you."

It didn't matter if Shashi remembered me or not, I still had to go to him. I bent down to look into his tired face. His eyes lifted and focused on me and he said: "Hello Simi." I felt like laughing and crying. I just wanted to hug him. I'm grateful he was bestowed with the Dadasaheb Phalke Award and I hope it meant much to him. He looked healthy and wonderful while receiving it — just like my Siddhartha.

Now, to know that he has gone forever fills me with a deep sadness. No one can fill the empty space he leaves behind. His sheer beauty. His gentle demeanour. And also, at times, a wicked sense of humour! He has touched so many hearts through his films and his passion for cinema. And that's where he will remain — on the silver screen — and in our hearts.

Tuesday, December 05, 2017

Mercury Retrograde - Dec 3 to Dec 23 2017



What does Mercury Retrograde mean?
Mercury is retrograde when it’s traveling backwards. That’s an optical illusion, of course, and comes from a change in that planet’s orbital speed in comparison to the Earth’s. (Think of it as the planetary equivalent of speeding up, passing a car and seeing it fall far behind after you in the rear view mirror.)
When Mercury is moving in reverse, the areas of life it governs do not play by the usual rules. Pay extra attention
to anything related to communication and travel-including phones, computers and electronic devices, the mail (remember that?), cars, public transportation, and commutes.
EFFECTS :
1.Messages go astray;
2. misunderstandings and confusion abound;
3. technology malfunctions; traffic snarls; travel gets delayed.
CAUTION : Postpone launching major projects, signing major contracts and buying big-ticket items. Double-check fine print, backup your data, and allow lots of extra time when you’re on the road.
The good news? This is an excellent time to :
1.investigate and research,
2. finish old business,
3.clean up paperwork,
4. get in touch with people you haven’t talked to in a while. 5.Pay attention to who surfaces from the past, in person or in thoughts. Their reappearance could help tie up loose ends or resolve lingering business.
Organize and prepare so you’ll be ready to move ahead when Mercury does!

Monday, November 27, 2017

Hosting the Angels

Hosting angels
Here are the instructions for hosting the Archangels...

It is the angels’ desire to go out and for 5 consecutive days stay and work with three individuals and help them to fulfill three personal wishes. After this, each individual will send the angels on to three new individuals who have said YES to receive them. The angels will stay 5 days then continue onto the new hosts.

The angels always arrive at the new place on the agreed day at 10.30pm and leave 5 days later at 10.30pm. Between each 5 days visit the angels have a rest period of 5 days when they are on their way to the next three hosts. During this 5-day period, the next individuals prepare to receive the angels.

Now we need to give you the official information outlining the details. Keep in mind that by hosting the 5 archangels, (Michael, Gabriel, Raphael, Uriel and Metatron), you are assisting them to serve humanity, mother earth and all universes in more direct ways and they thank you for your willingness to participate. The hosting of the Archangels was started in New York in 2010 through someone’s spiritual guidance. It is an honor and a gift to allow your family and home to be imprinted with their LIGHT, but it does ask for your personal participation. 

On the last day of the visit, give the Archangels the names and addresses of the people you find who want to host them next. You will need to send these people the information and the simple ritual below, and specify to them the day of the arrival and departure of the archangels from their home. The time - 10.30pm stays the same no matter the time difference. It is always the local time. With a complete day of 24 hours long, the archangel’s visit is always 5 days, and then they rest for 5 days before coming for another 5 days visit with a new host.

You will welcome and host the Archangels for 5 days after having prepared a little altar with:

1. A white flower

2. A candle that will stay on all the time they are with you. It needs to be on shortly before they arrive to show them they are being called. It is to be left on when you are at home.

3. Put in an envelope a letter with 3 wishes; one for mother earth, one for your family, one for you. Formulate wishes in a clear and concise way. Not too much detail.

4. On the sealed envelope, put an apple that you will eat only after they leave. Lay the envelope near your candle and white flower.

5. The house must be clean and tidy much like you would if you were receiving a guest.

Welcome the 5 archangels. When they arrive in front of your home at 10.30pm you are to open the front door and read this greeting.

"Hello and Welcome Archangels to my home. You were sent to me from (my name). I am very grateful to each of you for purifying and bringing peace to this place and to beings that live in it. I am very grateful to you for bringing Harmony, joy and serenity to all of us. I am very grateful to you for fulfilling my wishes."

From that moment on, the archangels make things happen. It is recommended to regard the 5 days as a special time to give room for the vibration of higher energies to re-align many things. For some this may mean you want to ask questions, or you may only be able to find a quiet moment in your busy day. But remember, there is no limitation, TRUST. You can also ask them to go with you through the day. If you travel during this time, you can arrange it with them to come with you.

When it is almost time for them to leave, write the names of each person and their address who has asked to host them. Next with your candle, burn this paper. This will pass their names into the Etheric for the Archangels to go to next. Send your thanks and love to the archangels for all their help. Once they leave, burn the envelope with your wishes in it and eat your apple. It will contain lots of good nutrients and more for you. Place the flower outside on the earth.

Friday, November 24, 2017

ARCHANGELS the complete information on what they denote . When to invoke which Angel ?

Here is some information about ARCHANGELS

Archangel Ariel ~

Ariel's name means 'Lion or lioness of God' and this archangel is associated with lions and animals. Ariel is involved with healing and protecting nature and that includes the animals, fish and birds, especially the wild ones. Environmentalism.  Patron Angel of Wild Animals

 Archangel Azrael ~

Azrael's name means 'Whom God helps'. Azrael's role is primarily to cross people over to heaven at the time of physical death. Azrael comforts people prior to their physical death, ensures they do not suffer during death, and helps them to assimilate on the other side. Call upon Azrael for support and comfort. Grief Counseling. Assists Newly Crossed Over Soul. Compassion, peace, transition and comfort. Patron Angel of the Clergy 

Archangel Chamuel ~

Chamuel' name means "He who sees God' or 'He who seeks God'. Chamuel is a powerful healer leader in the angelic hierarchy known as the 'Powers' who protect the world from fearful and lower energies. Call upon Chamuel for comfort, protection, and intervention in world events. Love, tolerance, gratitude. Call upon Chamuel if you need to find items, soulmate, etc... unconditional love and strengthens relationships. Patron Angel of all who love God

Archangel Gabriel ~

Gabriel's name means 'God is my strength. Gabriel is the Angel of child conception or the process of adopting a child. This archangel also helps anyone whose life purpose involves art or communication. Defender of the Element of Water and of the West. The Angel of resurrection, mercy and peace and benefactor of " messengers". Purity, rebirth, creativity, prophecy, purifying your thoughts, body and emotions.Communication & the Arts. Patron Angel of all who work in the field of communications. postal workers, and clergy.

Archangel Haniel  ~

Haniel's name means 'Glory of God' Haniel helps us to recover lost secrets of natural healing remedies. Haniel also helps us enjoy more grace in our lives. Call upon Haniel to add beauty, harmony, and the company of wonderful friends to your life. Moon energy, clairvoyance and grace

Archangel Jeremiel ~

Jeremiel's name means 'Mercy of God' In addition to being an archangel of prophetic vision's, Jeremiel helps newly-crossed over souls to review their lives. He helps those still living to take an inventory of their life, to be able to make positive adjustments. Visions, life review and psychic dreams.

Archangel Jophiel ~

Jophiel's name means 'Beauty of God'. Jophiel helps us to think beautiful thoughts and to therefore create, manifest, and attract more beauty into our lives. Illumination, wisdom and perception. Thoughts of beauty and love. Patron Angel of Artists

Archangel Metatron ~

Metatron is a fiery, energetic angel who has a special place in his heart for children, especially those who are spiritually gifted. After the Exodus, Metatron led the children of Israel through the wilderness and onto safety. He continues to lead children today, both on earth and in heaven. Unity, education and truth. Children Issues. Owning your own power. Patron Angel of Small Children.

Archangel Michael ~

Michael's name means 'He who is like God' or 'He who looks like God' His chief function is to rid the earth and its inhabitants of the toxins associated with fear. Michael gives guidance and direction for people who need help or assistance in their life's purpose or career path ... to clarify or to make changes. Defender of the Element of Fire and of the South. Leader of the Archangels, he is the Angel of protection, justice & strength. Protection, courage, power and strength. Archangel Michael gives you protection, and encourages you to make life changes that are required for your spiritual growth.If your space needs clearing call upon Archangel Michael. Patron Angel of Law Enforcement and the Military 

Archangel Raguel ~

Raguel's name means 'Friend of God' His chief role in heaven is to oversee all of the other archangels and angels, to ensure that they're all working together in a harmonious and orderly fashion, according to Divine order and will. If you need help in creating  harmony and resolving conflicts, call upon Raguel.

Archangel Raphael ~

Raphael's name means 'God heals' or 'God has healed' based upon the Hebrew word, Rapha, which means 'doctor' or 'healer' Raphael is a powerful healer of physical bodies, both for humans and animals. Defender of the Element of Air and of the East. He is the Angel of Love, Joy and Laughter, custodian of the Tree of Life and of Healing Powers. He helps you heal your mind, thoughts, body, and soul. Those suffering from addicitions would benefit asking Archangel Raphael for assistance. Patron Angel
of all those in the field of Medicine

Archangel Raziel ~

Raziel's name means 'secret of God' because he works so closely with God that he knows all of the secrets of the universe, and how it operates. Raziel can help you too understand esoteric material and increase you ability to see, hear, know and feel Divine guidance. Alchemy, divine magic and manifesting. Patron Angel of Law Makers and Lawyers

Archangel Sandalphon ~

Sandalphon's name means 'brother' in Greek, a reference to his twin brother, the archangel Metatron. The twins are the only archangels in heaven who were originally mortal men. Sandalphon's chief role is to carry human prayers to God, so they may be answered. Patron Angel of music

Archangel Uriel ~

Uriel's name means 'God is light' 'Gods light' or 'Fire of God' because he illuminates situations and gives prophetic information and warnings. Perhaps because of his connection to Noah, and the weather elements of thunder and lightening, Uriel is considered an archangel who helps us with natural disaster. Call upon archangel Uriel to avert such events, or to heal and recover in their aftermath. Defender of the element of earth and of the north. Angel of nature, visions and instruction and the custodian of prophecy. Peace & ministration, spiritual understanding, students with their test and studies and problem solving. A patron angel of literature and music

Archangel Zadkiel ~

Zadkiel's name means 'The righteousness of God' Zadkiel can help you hold mercy and compassion towards yourself and others, and let go of judgements and unforgivingness.To forgive yourself or someone else, ask Zadkiel for help. He is the Archangel of
invocation, transformation. Angel of freedom, benevolence, mercy, and the patron Patron Angel of all who forgive.