Wednesday, May 23, 2018

काल भैरवभगवान काल भैरव को प्रसन्न के उपाय

*भगवान काल भैरवभगवान काल भैरव को प्रसन्न के उपाय-*

1. रविवार, बुधवार या गुरुवार के दिन एक रोटी लें। इस रोटी पर अपनी तर्जनी और मध्यमा अंगुली से तेल में डुबोकर लाइन खींचें। यह रोटी किसी भी दो रंग वाले कुत्ते को खाने को दीजिए। अगर कुत्ता यह रोटी खा लें तो समझिए आपको भैरव नाथ का आशीर्वाद मिल गया।

अगर कुत्ता रोटी सूंघ कर आगे बढ़ जाए तो इस क्रम को जारी रखें लेकिन सिर्फ हफ्ते के इन्हीं तीन दिनों में (रविवार, बुधवार या गुरुवार)। यही तीन दिन भैरव नाथ के माने गए हैं।

2. उड़द के पकौड़े शनिवार की रात को कड़वे तेल में बनाएं और रात भर उन्हें ढंककर रखें। सुबह जल्दी उठकर प्रात: 6 से 7 के बीच बिना किसी से कुछ बोलें घर से निकले और रास्ते में मिलने वाले पहले कुत्ते को खिलाएं। याद रखें पकौड़े डालने के बाद कुत्ते को पलट कर ना देखें। यह प्रयोग सिर्फ रविवार के लिए हैं।

3. शनिवार के दिन शहर के किसी भी ऐसे भैरव नाथ जी का मंदिर खोजें जिन्हें लोगों ने पूजना लगभग छोड़ दिया हो। रविवार की सुबह सिंदूर, तेल, नारियल, पुए और जलेबी लेकर पहुंच जाएं। मन लगाकर उनकी पूजन करें।

बाद में 5 से लेकर 7 साल तक के बटुकों यानी लड़कों को चने-चिरौंजी का प्रसाद बांट दें। साथ लाए जलेबी, नारियल, पुए आदि भी उन्हें बांटे। याद रखिए कि अपूज्य भैरव की पूजा से भैरवनाथ विशेष प्रसन्न होते हैं।

4. प्रति गुरुवार कुत्ते को गुड़ खिलाएं।

5. रेलवे स्टेशन पर जाकर किसी कोढ़ी, भिखारी को मदिरा की बोतल दान करें।

6. सवा किलो जलेबी बुधवार के दिन भैरव नाथ को चढ़ाएं और कुत्तों को खिलाएं।

7. शनिवार के दिन कड़वे तेल में पापड़, पकौड़े, पुए जैसे विविध पकवान तलें और रविवार को गरीब बस्ती में जाकर बांट दें।

8. रविवार या शुक्रवार को किसी भी भैरव मं‍दिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार 33 अगरबत्ती जलाएं।

9. पांच नींबू, पांच गुरुवार तक भैरव जी को चढ़ाएं।

10. सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा 11 रुपए, सवा मीटर काले कपड़े में पोटली बनाकर भैरव नाथ के मंदिर में बुधवार के दिन चढ़ाएं।

*श्री अष्ट भैरव : भैरव के 8 रूप-*

श्री भैरव के अनेक रूप हैं जिसमें प्रमुख रूप से बटुक भैरव, महाकाल भैरव तथा स्वर्णाकर्षण भैरव प्रमुख हैं। जिस भैरव की पूजा करें उसी रूप के नाम का उच्चारण होना चाहिए। सभी भैरवों में बटुक भैरव उपासना का अधिक प्रचलन है। तांत्रिक ग्रंथों में अष्ट भैरव के नामों की प्रसिद्धि है। वे इस प्रकार हैं-

1. असितांग भैरव,
2. चंड भैरव,
3. रूरू भैरव,
4. क्रोध भैरव,
5. उन्मत्त भैरव,
6. कपाल भैरव,
7. भीषण भैरव
8. संहार भैरव।

रविवार, बुधवार या भैरव अष्टमी पर इन 8 नामों का उच्चारण करने से मनचाहा वरदान मिलता है। भैरव देवता शीघ्र प्रसन्न होते हैं और हर तरह की सिद्धि प्रदान करते हैं। क्षेत्रपाल व दण्डपाणि के नाम से भी इन्हें जाना जाता है।

*काल भैरव का पूजन-*

भगवान भैरव अपने भक्तों के कष्टों को दूर कर बल, बुद्धि, तेज, यश, धन तथा मुक्ति प्रदान करते हैं। जो व्यक्ति भैरव जयंती को अथवा किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भैरव का व्रत रखता है, पूजन या उनकी उपासना करता है वह समस्त कष्टों से मुक्त हो जाता है।

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी काल भैरवाष्टमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भगवान महादेव ने काल भैरव के रूप में अवतार लिया था। काल भैरव भगवान महादेव का अत्यंत ही रौद्र, भयाक्रांत, वीभत्स, विकराल प्रचंड स्वरूप है।

भैरवजी को काशी का कोतवाल भी माना जाता है। काल भैरव के पूजन से अनिष्ट का निवारण होता है।

* काल भैरवाष्टमी के दिन मंदिर जाकर भैरवजी के दर्शन करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

* उनकी प्रिय वस्तुओं में काले तिल, उड़द, नींबू, नारियल, अकौआ के पुष्प, कड़वा तेल, सुगंधित धूप, पुए, मदिरा, कड़वे तेल से बने पकवान दान किए जा सकते हैं।

* उन्हें जलेबी एवं तले पापड़ या उड़द के पकौड़े का भोग लगाने से जीवन के हर संकट दूर होकर मनुष्य का सुखमय जीवन व्यतीत होता है।

* काल भैरव के पूजन-अर्चन से सभी प्रकार के अनिष्टों का निवारण होता है तथा रोग, शोक, दुखः, दरिद्रता से मुक्ति मिलती है।

* काल भैरव के पूजन में उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। भैरवजी के दर्शन-पूजन से सकंट व शत्रु बाधा का निवारण होता है।

* भैरव अष्‍टमी के दिन भैरवजी के वाहन श्वान को गुड़ खिलाने का विशेष महत्व है। दसों दिशाओं के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है तथा पुत्र की प्राप्ति होती है।

श्री भैरव अपने उपासक की दसों दिशाओं से रक्षा करते हैं।

रविवार एवं बुधवार को भैरव की उपासना का दिन माना गया है।

कुत्ते को इस दिन मिष्ठान खिलाकर दूध पिलाना चाहिए।
भैरव की पूजा में श्री बटुक भैरव अष्टोत्तर शत-नामावली का पाठ करना चाहिए।

भैरव की प्रसन्नता के लिए श्री बटुक भैरव मूल मंत्र का पाठ करना शुभ होता है।

भैरव को शिवजी का अंश अवतार माना गया है।

रूद्राष्टाध्याय तथा भैरव तंत्र से इस तथ्य की पुष्टि होती है।

भैरव जी का रंग श्याम है। उनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें वे त्रिशूल, खड़ग, खप्पर तथा नरमुंड धारण किए हुए हैं।
उनका वाहन श्वान यानी कुत्ता है।

भैरव श्मशानवासी हैं। ये भूत-प्रेत, योगिनियों के स्वामी हैं।
भक्तों पर कृपावान और दुष्टों का संहार करने में सदैव तत्पर रहते हैं।

*भैरव आराधना के दिव्य चमत्कारिक मंत्र-*

जिंदगी में हर तरह के संकटों से मुक्ति के लिए भैरव आराधना का बहुत महत्व है।

खास तौर पर काल भैरवाष्टमी के दिन भैरव के मंत्रों का प्रयोग कर व्यापार-व्यवसाय, शत्रु पक्ष से आने वाली परेशानियां, विघ्न-बाधाएं, कोर्ट-कचहरी तथा निराशा आदि से मुक्ति पाई जा सकती है।

भैरव आराधना के विशेष मंत्र

- 'ॐ कालभैरवाय नम:।'
- 'ॐ भयहरणं च भैरव:।'
- 'ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्‍।'

- 'ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।'
- 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं।'

उक्त समस्त मंत्र चमत्कारिक रूप से सिद्धि प्रदान करते हैं। इनका प्रयोग अति शुद्धता से करना चाहिए।

        

Saturday, May 05, 2018

वास्तुदेव की तीन विशेषताएं 🌸

🌸वास्तुदेव की तीन विशेषताएं 🌸

🌸चर वास्तु  : 🌸
☘इसमें वास्तु पुरुष की  नजर या रुख  भाद्रपद ( अगस्त, सितम्बर ), आश्विन तथा कार्तिक ( अक्टूबर , नवम्बर ) महीनों के अवधि में दक्षिण की ओर  होता है | 
🌸तथा  मार्गशीर्ष (नवम्बर-
दिसंबर ), पौष ( दिसंबर – जनवरी ), और माघ (जनवरी-फरवरी ) महीनों में पश्चिम की ओर होता है |
🌸फाल्गुन (फरवरी – मार्च ), चैत्र (मार्च – अप्रैल ), और  वैशाख (अप्रैल – मई ) महीनों में उत्तर की ओर  होता है |
🌸ज्येष्ठ (मई – जून ), आषाढ़ (जून – जुलाई ), तथा  श्रावण (जुलाई – अगस्त ) महीनों की अवधि में पूर्व की ओर होता है |

☘निर्माण कार्य का आरम्भ  या शिलान्यास  और मुख्य द्वार की स्थापना  ऐसे स्थान पर होनी चाहिए जो वास्तुपुरुष की दृष्टी  या नजर की ओर हो , ताकि मनुष्य उस मकान में शान्ति और सुख से रह सके |

🕉 स्थिर वास्तु :  🕉
☘वास्तु पुरुष का सिर सदैव उत्तर-पूर्व की ओर  तथा पैर दक्षिण – पश्चिम की ओर , दाहिना हाथ उत्तर-पश्चिम की ओर  एवं बांया  हाथ दक्षिण – पूर्व की ओर रहता है  इस बात को ध्यान में रखते हुए मकान का डिजाइन एवं प्लान  बनाना चाहिए |

🌸नित्य वास्तु : 🌸
☘प्रत्येक दिन वास्तु पुरुष की नजर  सुबह प्रथम  तीन घंटे  पूर्व की ओर , इसके पश्चात तीन घंटे दक्षिण  की ओर  तथा उसके बाद तीन घंटे पश्चिम की ओर तथा अंतिम तीन घंटे उत्तर की ओर
दृष्टी अथवा नजर रहती है | भवन का निर्माण कार्य इसी प्रकार समयानुसार करना  चाहिए |

☘वास्तु पुरुष की तीन अवसरों पर पूजा अर्चना करनी चाहिये  निर्माण कार्य में  शिलान्यास  करते समय ,दूसरी बार  मुख्य द्ववार लगाते  समय , तीसरी बार  गृह प्रवेश के समय पूजा करनी चाहिये |

☘गृह प्रवेश उस समय होना चाहिये जब वास्तुपुरुष की नजर उस ओर हो  ये शुभ रहता है |
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☘☘☘

Wednesday, April 18, 2018

Survival in this poisonous age

Query: A mosquito lives for less than two months (the male lives for only about 10 days), and within that short span of time it becomes immune to every deadly poison invented by man. The collective consciousness of the mosquitoes passes this information to the next generation - through mutated genes; and the newer generations are born with immunity. How cool is that!

So, what makes us think that human cells don't develop immunity against poisons or that human cells don't mutate and pass on the genetic information? Well, we all know that it happens. And yet, we don't trust our innate intelligence. We have more faith in the mosquito's capability than in our own.

This also makes me think that we don't really have to artificially immunize through vaccinations; the environment itself does it in an organic manner.

Vaccinations may be needed if we are being uprooted from one environment and moving into another which has different kinds of pathogens in their environs.

Hummmmmnnnnn!

#MyMusings #chitra #jha

Reply:
I disagree.

Mosquitoes have a far larger population and reproductive rate than we can ever imagine. Also not all of them get uniformly immune at the same time. Many, most in fact, die off.

Are we prepared to let our kids die?

Also, turnover rate for mosquitoes is high unlike ours which is 20 years or so. They produce subsequent generations quickly enough for the immunity to show. We don’t. We can’t. Unless we make kids have kids.

Next, vaccination doesn’t act on everyone uniformly. Some don’t get immunity no matter what. Some cannot be immunized due to inherent issues or age. How we survive nevertheless is because the rest of the Individuals stay immune and this produces herd immunity, thus protecting the weaker individuals. If we were to convince even subtly that immunization is not needed, it would result in a fresh breakout. This happened in the US where the anti vaccination drive is much stronger than before. Kids died of measles, a disease we have effective vaccine for. Needlessly.

India is catching up. So let’s be very very careful making statements that can sway this stance and push us back into poliomyelitis and other deadly diseases killing off half our population like mosquitoes. I am sorry i am way out of your league spiritually and experience wise but I always call a spade a spade. I couldn’t resist especially when i see people killing their kids with their refusal to immunize.

This organic immunity you say will take time to work. We already have stopped vaccinating people for smallpox. But it’s too early for the rest of them. Please trust doctors and scientists. You speak about human immunity to poison. Can’t we then accept what experienced persons tell us? They’re not even poisoning us.

#poorvisha #ravi

Friday, March 16, 2018

#healthy ways to eat and drink for long #life

*1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए*?

    उत्तर -     हल्का गर्म

*2.  पानी पीने का क्या तरीका होता है*?

    उत्तर -    सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

*3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए*?

     उत्तर. -    32 बार

*4.  पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए*?

     उत्तर. -     सुबह

*5.  सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए*?

     उत्तर. -    सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

*6.  सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?
    
     उत्तर. -     जूस

*7.  दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?

    उत्तर. -     लस्सी / छाछ

*8.  रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए*?

    उत्तर. -     दूध

*9.  खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए*?

    उत्तर. -     रात को

*10. आईसक्रीम कब खानी चाहिए*?

       उत्तर. -      कभी नही

*11. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद*
      *खानी चाहिए*?

      उत्तर. -    1 घण्टे बाद

*12. क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए*?

       उत्तर. -      नहीं

*13.  बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा*
      *लेना चाहिए*?

      उत्तर. -     40 मिनट

*14.  रात को कितना खाना खाना चाहिए*?

       उत्तर. -    न के बराबर

*15.  रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए*?

      उत्तर. -     सूरज छिपने से पहले

*16. पानी खाना खाने से कितने समय पहले*
     *पी सकते हैं*?

      उत्तर. -     48 मिनट

*17.  क्या रात को लस्सी पी सकते हैं*?

     उत्तर. -     नहीं 

*18.  सुबह नाश्ते के बाद क्या करना चाहिए*?

       उत्तर. -     काम

*19. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना*
       *चाहिए*?

       उत्तर. -     आराम

*20. रात को खाना खाने के बाद क्या करना*
     *चाहिए*?

      उत्तर. -    500 कदम चलना चाहिए

*21. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना चाहिए*?

      उत्तर. -     वज्रासन

*22. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर*
      *करना चाहिए.*?
    
      उत्तर. -     5 -10 मिनट

*23.  सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए*?

      उत्तर. -    ठंडा पानी।

*24.  रात को किस समय तक सो जाना चाहिए*?

      उत्तर. -     9 - 10 बजे तक

*25. तीन जहर के नाम बताओ*?

      उत्तर.-    चीनी , मैदा , सफेद नमक

*26. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना*
      *चाहिए*?

      उत्तर. -     अजवायन

*27.  क्या रात को सलाद खानी चाहिए*?

      उत्तर. -     नहीं

*28. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए*?

      उत्तर. -     नीचे बैठकर व खूब चबाकर

*29. चाय कब पीनी चाहिए*?

      उत्तर. -     कभी नहीं

*30. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए*?

      उत्तर. -    हल्दी

*31.  दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए*?

      उत्तर. -    कैंसर ना हो इसलिए

*32. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है*?

      उत्तर. -   आयुर्वेद

*33. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए*?

      उत्तर. -   अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में)

*34. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए*?

      उत्तर. -    जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

*35. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए*?

      उत्तर. -  मार्च से जून (गर्मियों में)

*36. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए*?

      उत्तर. -  कम से कम 2 - 3 गिलास।

*37. सुबह कब उठना चाहिए*?

       उत्तर. -  सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले।

Monday, February 05, 2018

मृत्यु के ये 12 वर्णित संकेत: शिवपुराण से

कभी भी अनदेखा ना करें मृत्यु के ये 12 वर्णित संकेत: शिवपुराण से

धर्म ग्रंथों में भगवान शिव को महाकाल भी कहा गया है। महाकाल का अर्थ है काल यानी मृत्यु भी जिसके अधीन हो। भगवान शिव जन्म-मृत्यु से मुक्त हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान शंकर को अनादि व अजन्मा बताया गया है। भगवान शंकर से संबंधित अनेक धर्मग्रंथ प्रचलित हैं, लेकिन शिवपुराण उन सभी में सबसे अधिक प्रामाणिक माना गया है।

इस ग्रंथ में भगवान शिव से संबंधित अनेक रहस्यमयी बातें बताई गई हैं। इसके अलावा इस ग्रंथ में ऐसी अनेक बातें लिखी हैं, जो आमजन नहीं जानते। शिवपुराण में भगवान शिव ने माता पार्वती को मृत्यु के संबंध में कुछ विशेष संकेत बताए हैं। इन संकेतों को समझकर यह जाना जा सकता है कि किस व्यक्ति की मौत कितने समय में हो सकती है। ये संकेत इस प्रकार हैं-

शिवपुराण के अनुसार जिस मनुष्य को ग्रहों के दर्शन होने पर भी दिशाओं का ज्ञान न हो, मन में बैचेनी छाई रहे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने में हो जाती है।

जिस व्यक्ति को अचानक नीली मक्खियां आकर घेर लें। उसकी आयु एक महीना ही शेष जाननी चाहिए।

शिवपुराण में भगवान शिव ने बताया है कि जिस मनुष्य के सिर पर गिद्ध, कौवा अथवा कबूतर आकर बैठ जाए, वह एक महीने के भीतर ही मर जाता है। ऐसा शिवपुराण में बताया गया है।

यदि अचानक किसी व्यक्ति का शरीर सफेद या पीला पड़ जाए और लाल निशान दिखाई दें तो समझना चाहिए कि उस मनुष्य की मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाएगी। जिस मनुष्य का मुंह, कान, आंख और जीभ ठीक से काम न करें, शिवपुराण के अनुसार उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है।

जो मनुष्य अचानक सूर्य और चंद्रमा को राहू से ग्रस्त देखता है (चंद्रमा और सूर्य काले दिखाई देने लगते हैं) और संपूर्ण दिशाएं जिसे घुमती दिखाई देती हैं, उसकी मृत्यु 6 महीने के अंदर हो जाती है।

त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) में जिसकी नाक बहने लगे, उसका जीवन अधिक नहीं चलता। यदि किसी व्यक्ति के मुंह और कंठ बार-बार सूखने लगे तो यह जानना चाहिए कि 6 महीने बीत-बीतते उसकी आयु समाप्त हो जाएगी।

शिवपुराण के अनुसार जो व्यक्ति हिरण के पीछे होने वाली शिकारियों की भयानक आवाज को भी जल्दी नहीं सुनता, उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो जाती है। जिसे आकाश में सप्तर्षि तारे न दिखाई दें, उस मनुष्य की आयु भी 6 महीने ही शेष समझनी चाहिए।

जब किसी मनुष्य का बायां हाथ लगातार एक सप्ताह तक फड़कता ही रहे, तब उसका जीवन एक मास ही शेष है, ऐसा जानना चाहिए। जब सारे अंगों में अंगड़ाई आने लगे और तालू सूख जाए, तब वह मनुष्य एक मास तक ही जीवित रहता है।

जिस मनुष्य को ध्रुव तारा अथवा सूर्यमंडल का भी ठीक से दर्शन न हो। रात में इंद्रधनुष और दोपहर में उल्कापात होता दिखाई दे तथा गिद्ध और कौवे घेरे रहें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं होती। ऐसा शिवपुराण में बताया गया है।

जिस मनुष्य को चंद्रमा व सूर्य के आस-पास का चमकीला घेरा काला या लाल दिखाई दे, तो उस मनुष्य की मृत्यु 15 दिन के अंदर हो जाती है। अरूंधती तारा व चंद्रमा जिसे न दिखाई दे अथवा जिसे अन्य तारे भी ठीक से न दिखाई दें, ऐसे मनुष्य की मृत्यु एक महीने के भीतर हो जाती है।

जब किसी व्यक्ति को जल, तेल, घी तथा दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दे, तो समझना चाहिए कि उसकी आयु 6 माह से अधिक नहीं है। जब कोई अपनी छाया को सिर से रहित देखे अथवा अपने को छाया से रहित पाए तो ऐसा मनुष्य एक महीने भी जीवित नहीं रहता।

शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति को अग्नि का प्रकाश ठीक से दिखाई न दे और चारों ओर काला अंधकार दिखाई दे तो उसका जीवन भी 6 महीने के भीतर समाप्त हो जाता है।

Friday, January 26, 2018

*9 मसाले और 9 ग्रह*

*9 मसाले और 9 ग्रह*         
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*9 मसाले कौन कौन  से ?*
*और ये किस प्रकार ग्रहों का प्रतिनिधित्व करते है व इनके पीछे छिपी वैज्ञानिकता क्या है ?*

*🍚1. नमक      *(पिसा हुआ) सूर्य*

*🌶2. लाल मिर्च   *(पिसी हुई) मंगल*

*🧀3. हल्दी ,,,,,,,    *(पिसी हुई ) गुरु*

*🌯4. जीरा   *(साबुत या पिसा हुआ) राहु केतु*

*🌯5. धनिया,,,,,,  *(पिसा हुआ) बुध*

*🌚6. काली मिर्च *(साबुत या पाउडर) शनि*

*🥗7. अमचूर ,,,,  *(पिसा हुआ) केतु*

*🍲8. गर्म मसाला,. *(पिसा हुआ) राहु*

*🍲9. मेथी,,,,,,,,,,,.      *मंगल....*

   *👉मसाले के सेवन से अपने स्वास्थ्य और ग्रहो को ठीक करे*
              👇👇👇
🥙 *भारतीय रसोई में मिलने वाले मसाले सेहत के लिए तो अच्छे होते ही है ,पर साथ में उन के सेवन से हमारे ग्रह भी अच्छे होते है*

    *🥙सौंफ🥙*
*सौंफ का जिक्र हम पहले भी कर चुके है की सौंफ खाने से हमारा शुक्र और चंद्र अच्छा होता है*

🥙 *इसे मिश्री के साथ ले या उस के बिना भी ले खाने के बाद ,एसिडिटि और जी मिचलाने जैसी समस्या कम होने लगेंगी*
🥙 *सौंफ को गुड के साथ सेवन करें जब आप घर से किसी काम के लिए निकाल रहे हो , इस से आप का मंगल ग्रह आप का  पूरा काम करने में साथ देता है ...                   *🥙दालचीनी🥙*

*मंगल ओर शुक्र ग्रह को ठीक करती है*

🥙 *अगर किसी का मंगल और शुक्र कुपित है ,तो थोड़ी सी दालचीनी को शहद में मिलाकर ताज़े पानी के साथ ले , इस से आप की शरीर में शक्ति बढ़ेगी और सर्दियों में कफ की समस्या कम परेशान करती है .......*

*🥙काली मिर्च🥙*
*काली मिर्च के सेवन से हमारा शुक्र और चंद्रमा अच्छा होता है*

🥙 *इस के सेवन से कफ की समस्या कम होती है और हमारी स्मरण शक्ति भी बढ़ती है*
*तांबे के किसी बर्तन में काली मिर्च डालकर Dining Table पर रखने से घर को नज़र नहीं लगती है...                              *🥙जौं🥙*

*जौ के प्रयोग से सूर्य ग्रह और गुरु ग्रह ठीक होता है*

🥙 *जौं के आटे की रोटी खाने से पथरी कभी नहीं होती है.....*

  *🥙हरी इलायची🥙*
*इस के प्रयोग से बुध ग्रह मजबूत होता है*

🥙 *अगर किसी को दूध पचाने में परेशानी होती है....*
*तो हरी इलायची उस में पका कर फिर दूध का सेवन करें  इस से ऐसी परेशानी नहीं होगी ....*
*यह उन लोगो के लिए उपकारी है की जिन को दूध अपनी सेहत बनाए रखने या कैल्सियम के लिए दूध तो पीना पड़ता है पर उसको पीकर पचाने में समस्या आती है ...*

*🥙हल्दी🥙*
*हल्दी के गुण हम सबसे छुपे नहीं है , हल्दी के सेवन से बृहस्पति ग्रह अच्छा होता है ,*

🥙 *हल्दी की गांठ को पीले धागे में बांधकर गुरुवार को गले में धारण करने से बृहस्पति के अच्छे  फल मिलते है  और यह तो हम सब को पता है की हल्दी का दूध पीने से Arthritis , Bones और Infections में ज़बरदस्त फायदा मिलता है....*

*🥙जीरा🥙*
*जीरा राहू व केतू का प्रतिनिधित्व  करता है.*

🥙 *जीरा का सेवन खाने में करने से आप के दैनिक जीवन में सौहार्द व शांति बने रहते हैं.*
*🥙हींग🥙*
*हींग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है*

🥙 *हींग का नित्य प्रतिदिन सेवन करने से वात व पित्त के रोग नियंत्रित होते हैं* *हींग आप की पाचन शक्ति भी बढाती है व क्रोध समस्या से भी निजात दिलाती है.*

   *🥙सौंफ :🥙*
  *शुक्र ग्रह मजबूत होता है*

🥙 *सौंफ हम रोज़ तो इस्तेमाल करते है ,पर क्या आप को पता हैकी सौंफ के सेवन से*🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
*✍आपका शुक्र ग्रह मजबूत होता

Thursday, January 18, 2018

ग्रहों की नाराजगी दूर करें - making planets work in your favour

ग्रहों की नाराजगी दूर करें -
1-सूर्य-(The Sun) भूल कर भी झूठ न
बोलें,सूर्य का गुस्सा कम हो जाएगा .झूठ क्या है ?झूठ वो है
जो अस्तित्व में नहीं है और यदि हम झूठ बोलेंगे
तो सूर्य को उसका अस्तित्व(Existence)
पैदा करना पडेगा (आश्चर्य की कोई बात
नहीं है -ये नौ ग्रह हमारे जीवन के
लिए ही अस्तित्व (existence)में आये हैं )सूर्य
का काम बढ़ जाएगा और मुश्किल भी हो जाएगा .
2-चंद्रमा (The Moon)-- जितना ज्यादा हो सके सफाई पसंद
हो जाईये ,और साफ़ रहिये भी -
चंद्रमा का गुस्सा कम हो जाएगा .
चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है .राहू अदृश्य
ग्रह है ,राहू क्रूर
है .हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में
राहू गंदगी है .हम हमारे घर को, आसपास के
वातावरण को कितना भी साफ़ करें -उसमें ढूँढने जायेंगे
तो गंदगी मिल
ही जायेगी ,या हम हमारे घर और
आस पास के वातावरण को कितना भी साफ़ रखें
वो गंदा हो ही जाएगा और हम सब जानते हैं
कि गंदगी कितनी खतरनाक
हो सकती है और होती है --
ज़िंदगी के लिए ,न जाने कितने बेक्टीरिया ,
वायरस ,जो अदृश्य होते हुए
भी हमारी ज़िंदगी को भयभीत
कर देते हैं ,बीमार
करके ,ज़िंदगी को खत्म तक कर देते
हैं ,चंद्रमा (जो सबके मन को आकर्षित करता है स्वय राहू के
मन को भी) राहू से डरता है .अतः यदि आप साफ़
रहेंगे तो चंद्रमा को अच्छा लगेगा और उसका क्रोध शांत रहेगा .
चंद्रमा का गुस्सा उतना ही कम हो जाएगा .
3-मंगल(Mars)-यह ग्रह सूर्य
का सेनापती ग्रह है भोजन में गुड है .सूर्य गेंहू
है रविवार को गेहूं के आटे का चूरमा गुड डालकर बनाकर खाएं
खिलाये ,मंगल को बहुत अच्छा लगेगा .सूर्य गेहूं है -मंगल गुड
है और घी चंद्रमा है ,अब तीनो प्रिय
मित्र हैं तो तीन मित्र मिलकर जब खुश होंगे
तो गुस्सा किसे याद रहेगा .
4-बुध (Mercury)-बुध ग्रह यदि आपकी जन्म
पत्रिका में क्रोधित है तो बस तुरंत मना लीजिये --
गाय को हरी घास खिलाकर -
धरती और गाय दोनों शुक्र (Venus)ग्रह
का प्रतिनिधित्व करती है .
हरी घास है जो बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व
करती है -बुध ग्रह का रंग हरा है ,वो बच्चा है
नौ ग्रहों में शारीरिक रूप से सबसे कमजोर और
बौद्धिक रूप में सबसे आगे आगे .
घास है जो पृथ्वी के अन्य पेड़ पौधों के मुकाबले
कमजोर है बिलकुल बुध ग्रह की तरह , घास
भी शारीरिक रूप से बलवान
नहीं होती है मगर ताकत देने में कम
नहीं अतः बुध स्वरूप
ही है .हरी हरी घास से
सजी धरती कितनी सुंदर
और खुश दिखती है -घास =बुध और
धरती = शुक्र
इसी तरह गाय हरी -
हरी घास खा कर कितनी खुश
होती है
इसलिए - हरी- हरी घास =बुध ग्रह
और गाय (और धरती )= शुक्र
इसलिए गाय को हरी हरी घास खिलाएंगे
तो दो बहुत अच्छे दोस्तों को मिला रहे होंगे -
ऐसी हंसी खुशी के
वातावरण में हर कोई गुस्सा थूक देता है और बुध ग्रह
भी अपना क्रोध शांत कर लेंगे .
5-बृहस्पति (Jupiter)-चने की दाल parrots
को खिलादे .बृहस्पति कभी गुस्सा नहीं करेंगे.
चने की दाल पीले रंग
की होती है और
बृहस्पति भी पीले रंग के हैं .
बृहस्पति का भी घनत्व सौरमंडल में ज्यादा है और
चने की दाल
भी हलकी फुल्की नहीं होती पचाने
में हमारी आँतों को ज्यादा मेहनत
करनी पड़ती है .
तोता हरे रंग का होता है .बुध ग्रह भी हरे रंग
का होता है .
तोता भी दिन भर बोलता रहता है और बुध ग्रह
भी बच्चा होना के कारण बोलना पसंद करता है .
अतः तोता =बुध ग्रह
और चने की दाल = बृहस्पति ग्रह
बुध ग्रह बृहस्पति के जायज पुत्र और चंद्रमा के नाजायज
पुत्र है.
बुध के पिता बृहस्पति हैं और बृहस्पति के चंद्रमा अच्छे मित्र
हैं और बृहस्पति की पत्नी तारा ने
चंद्रमा से नाजायज शारीरिक सम्बन्ध बनाकर बुध
ग्रह को जन्म दिया था इस बात से
बृहस्पति अपनी पत्नी तारा से नाराज़
रहते है और बुध की माँ से नाराज़ रहने के कारण
अपने जायज पिता बृहस्पति से बुध ग्रह नाराज़ रहता है .इस
बात से बृहस्पति दुखी रहता है अतः जब
तोता जो बुध स्वरूप है जब चने की दाल खाकर पेट
भरेगा और खुश
होगा तो बृहस्पति को खुशी मिलेगी और
गुस्सा तो अपने आप कम हो जाएगा .
6-शुक्र(Venus) - यदि नाराज़ हो तो गाय
को रोटी खिलाओ .
सूर्य गेहूं है
और शुक्र गाय .
किस बलवान व्यक्ति को उसके खुद के अलावा कोई और
राजा हो तो अच्छा लगता है !
शुक्र को भी सूर्य के अधीन
रहना पसंद नहीं है अतः जब आप उसके शत्रु
सूर्य जो गेहूं को गाय जो शुक्र है को खिलाएंगे तो वो अपने आप
ही गुस्सा भूल जाएगा .
7-शनि(Saturn) -जिस किसी से
भी नाराज़
हो तो उसकी पीड़ा तो बस वो खुद
ही जानता है .
शनि समानतावादी है .The planet Saturn is
one and only real democrat in our Solar
System.He does not like Monarchy.
ये बड़ा है और ये छोटा है ऐसी बातें शनि को क्रोधित
कर देती है
क्योंकि शनि सूर्य (राजा ) का पुत्र है और उसके पिता सूर्य ने
उसकी माँ का सम्मान नहीं किया इसलिए
शनि को अपनी माँ छाया से प्यार होने के कारण सूर्य
पर बहुत गुस्सा आता है --किसी का बड़े होने
का अहंकार ज़रा भी नहीं भाता है .
अतः जो सर्वहारा वर्ग (मेहनतकश लोग )है उसको खुश
रखो तो शनि खुद ही खुश हो जाएगा .आपको उन्हें
दान नहीं देना है क्योंकि शनि श्रम
का पुजारी है .शनि ईमानदार है और मेहनतकश लोग
भी दान लेने के बजाय मेहनत कर के खुश रहते
हैं अतः किसी मेहनतकश की मेहनत
का तन ,मन और धन से उचित सम्मान करने से शनि खुश
हो जाता है और खुश हो जाएगा तो गुस्सा तो कम
हो ही जाएगा .
8-राहू -राहू के दिए दुःख गैबी होते हैं
(जिनका कारण समझ में ना आये ).
राहू स्वय अदृश्य रहता है .(अतः उसके दिए
दुखों को समझना भी मुश्किल है ).राहू एक
हिस्सा उसके शरीर का ऊपरी भाग
वो स्वय है और उसके नीचे का हिस्सा केतु है .
(समुद्र मंथन के समय छल से देवताओं का रूप धर अमृत
पीने जब वो आया तो विष्णु ने उसे पहचान लिया और
अपने सुदर्शन चक्र से उसके दो टुकड़े कर दिए (एक बूँद
अमृत उसके शरीर में
जा चुका था अतः उसकी मृत्यु
नहीं हुयी )ऊपर का हिस्सा राहू
कहलाया और नीचे का हिस्सा केतु )